242, sec-5, Wave City, Ghaziabad
Welcome to सजग समाज सेवा सेतु फाउंडेशन
Welcome to सजग समाज सेवा सेतु फाउंडेशन
242, sec-5, Wave City, Ghaziabad
हर बार जब कोई साथी संकट में होता है, हम सब उसका हौसला बन जाते हैं।
यह आर्थिक नहीं, भावनात्मक जुड़ाव का मंच है — जहाँ मदद आत्मीयता से आती है।
यह मंच उन्हीं के दम पर खड़ा है, जो बिना पहचान मांगे किसी का जीवन संभाल लेते हैं।
साफ़, सरल और पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के साथ, हर सहायता सीधे ज़रूरतमंद परिवार तक पहुँचती है |
सजग समाज सेवा सेतु फाउंडेशन
यह मंच है हमारे जैसे लोगों का, एक-दूसरे का सहारा बनने के लिए।
जब कोई साथी इस दुनिया से चला जाता है, तो उसका परिवार अकेला न पड़े — इसी सोच से यह सामूहिक सहयोग अभियान शुरू हुआ। यह मंच दान या कृपा पर नहीं, बल्कि आपसी ज़िम्मेदारी और भरोसे पर खड़ा है। यहाँ हर सदस्य जानता है कि आज किसी के लिए किया गया सहयोग, कल उसी रूप में उसके अपने घर लौट सकता है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी मेहनतकश परिवार कठिन समय में अकेला महसूस न करे — हर मदद पूरी ईमानदारी, स्पष्टता और संवेदना के साथ पहुँचे।
सजग समाज सेवा सेतु फाउंडेशन
जो रोज़ मेहनत करते हैं, लेकिन अनहोनी आने पर उनके परिवार के पास कोई सहारा नहीं होता।
हर तकनीशियन, चालक, मज़दूर या सेवा देने वाला अब किसी मुश्किल वक्त में अकेला नहीं रहेगा।
अगर खेत का मालिक न रहे, तो उसका परिवार भूखा न सोए — यही हमारी साझा मानवीय ज़िम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य है ।
जो रोज़ कमाते हैं, वही रोज़ घर चलाते हैं — लेकिन किसी अनहोनी में उनका परिवार अकेला न रह जाए ।
हम उनका साथ देने के लिए यहाँ हैं
₹100 वार्षिक शुल्क के साथ हमारी वेबसाइट पर फॉर्म भरें और अपना नामांकन पूरा करें।
कर्मचारी, किसान, व्यापारी या श्रमिक – हर वर्ग का व्यक्ति इस मंच का हिस्सा बन सकता है।
सदस्यता को सक्रिय रखने के लिए हर साल ₹100 का नवीनीकरण आवश्यक है।
सारी जानकारी सुरक्षित रहती है, और सभी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जाती हैं।
टेलीग्राम, व्हाट्सएप और ईमेल के ज़रिए सभी ज़रूरी सूचनाएं भेजी जाती हैं।
किसी सदस्य की मृत्यु की स्थिति में सहयोग से संबंधित जानकारी तुरंत सभी सदस्यों को दी जाती है।
सदस्य ऑनलाइन माध्यम से सहयोग की रसीद और ज़रूरी जानकारी भेज सकते हैं।
यह मंच लोगों को एक-दूसरे के साथ खड़ा होने का अवसर देता है, जब उन्हें सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।
सदस्य सहयोग राशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में भेजते हैं।
छोटे-छोटे सहयोग एक परिवार को संकट के समय राहत देने में मदद करते हैं।
सहयोग के बाद सदस्य अपनी रसीद अपलोड करते हैं ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
हर प्रक्रिया स्पष्ट, समयबद्ध और पूरी तरह जिम्मेदारी के साथ संचालित की जाती है।
यह सेक्शन बताएगा कि तकनीकी रूप से दक्ष लोग — जैसे इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, चालक — हमारी ज़रूरतें पूरी करते हैं, लेकिन खुद की ज़रूरतों के लिए अकेले हैं।
जब परिवार का कमाने वाला चला जाता है, तो सिर्फ एक इंसान नहीं, बच्चों के सपने, उनकी पढ़ाई, और पूरे जीवन की दिशा पर असर पड़ता है — और ये सब चुपचाप, धीरे-धीरे टूटता है।
हम मानते हैं कि हम हमेशा रहेंगे, लेकिन ज़िंदगी की सच्चाई ये है कि कोई भी दिन आख़िरी हो सकता है — और उस दिन हमारे पीछे रह जाने वाले क्या अकेले पड़ जाएंगे, या समाज उनका साथ देगा?